I am a voyager through life's journey. After 25 years of experience as a journalist, now I am on wanderlust. Love all things travel brings- the views, the natives, the culture, the learning. My website brings travel news from across India- where are the crowds holidaying, where are loners finding peace, which mountain top is covering in snow, what govt initiatives are ramping up a touristy place etc. Come, follow my trail, let's journey together.
सोमवार, 15 मार्च 2021
मोरनी में पूरी होगी सपनों की उड़ान--हरियाणा के एकमात्र हिल स्टेशन में पैराग्लाइडिंग शुरु करने की योजना पर चल रहा है विचार
परिंदों की तरह आसमान में दूर तक उड़ान भरने का ख्वाब कौन नही रखता। हर कोई ऐसा चाहता है। अगर आपका ये सपना पूरा होने जा रहा हो तो ये तय है आप खुद को ऐसा करने से रोक नही पाएंगे!
ये सपना पूरा हो सकता है। बशर्ते योजना अगर हरियाणा सरकार अगर चाहे तो आप पैराग्लाइडिंग कर इस सपने को पूरा कर पाएंगे। आपको ये सुन कर यकीन नही हो रहा तो वीडियो को ध्यान से देखिए।
म
ोरनी हरियाणा का एक मात्र हिल स्टेशन है। ये जगह अब तक टूरिज्म के मामले में हाशिये पर छिटका हुआ नजर आती थी। मोरनी जिसकी पहचान अब तक बुनियादी रूप से पिछड़े हुए इलाके के तौर पर ही बनी हुई थी। मोरनी का ये हाल तब है जब ये हरियाणा-पंजाब की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ से महज कुछ ही दूरी पर है।
पंचकूला जिले में पड़ने वाले इसी मोरनी का आसमान अब आपका स्वागत बाहें फैलाने को तैयार हो रहा है। दरअसल मोरनी में सैलानियों को पैराग्लाइडिंग करवाने की एक योजना पर काम शुरू हो चुका है। इसके लिए सर्वे तक हो चुका है और ये जगह पैराग्लाइडिंग के लिए बिल्कुल उपयुक्त पाई गई है। सर्वे करवाने वाले हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड की माने तो ये जगह पैराग्लाइडिंग के लिए वर्ल्ड की नंबर 2 साइट बीड़-बिलिंग (हिमाचल प्रदेश) से कहीं भी उन्नीस नही है। पैराग्लाइडिंग के शौकीन जानते हैं कि पैराग्लाइडिंग यूं तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों में कई जगह होती है लेकिन कांगड़ा जिले में बीड-बिलिंग की पैराग्लाइडिंग साइट इस समय देश मे नंबर वन है। अब इसकी तुलना मोरनी से हो तो बात तो बड़ी है और इसपर चर्चा भी होगी।
मोरनी में पैराग्लाइडिंग की साइट तलाश ली गई है। ये साइट मोरनी हिल स्टेशन ने कोई चार किलोमीटर पहले है। इसका लॉन्चिंग पैड से लेकर लैंडिंग की जगह का बारीकी से मुआयना शिवालिक विकास बोर्ड और बीएसएफ की टीम कर चुकी है। टीम ने इलाके में कुछ और जगह भी ऐसी पता कि जहां पैराग्लाइडिंग शुरू की जा सकती है। इसमें हरियाणा की सबसे ऊंची चोटी करोह पीक का नाम विशेष रूप से जुड़ रहा है।
मोरनी में पैराग्लाइडिंग शुरु करने की संभावनाओं पर हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के एक्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन महेश सिंगला ने बताया कि "यहां टैंडम पैराग्लाइडिंग की अपार संभावनाएं हैं। इलाके में कुछ और जगह देखी गई हैं जहां इसे शुरु किया जा सकता है। इस संबंध में उन्होंने अपनी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंप दी है।"
कुल मिलाकर अब गेंद हरियाणा सरकार के पाले में है। ये योजना अगर सिरे चढ़ी तो दिल्ली या उससे आगे के लोगो को पैराग्लाइडिंग का शौक पूरा करने के लिए न केवल एक और साइट मिल जाएगी बल्कि इस इलाके के भी अच्छे दिन आ जाएंगे। यहां न केवल टूरिज्म बढेगा बल्कि रोजगार भी बढ़ेगा। रही बात सैलानियों की तो शिवालिक विकास बोर्ड तो यहां और दूसरी एडवेंचर स्पोर्ट्स के भी शुरू होने की प्लानिंग तैयार करे बैठा है।
बॉक्स
खूबसूरत जगह है मोरनी
जैसा की नाम से ही प्रतीत होता है कि मोरनी एक खूबसूरत जगह है। ये पंचकूला जिले में है और चंडीगढ़ से भी ज्यादा दूर नहीं है। यह इलाका एकदम शांत है और छोटे-छोटे गांव हैं। यह इलाका मानसून और सर्दी के दौरान काफी खूबसूरत हो जाता है। बारिश के दौरान यहां के पहाड़ों की हरियाली देखते ही बनती है। यहां पूरे साल मौसम आमतौर पर साफ रहता है लेकिन, बारिश के दिनों में बादलों की टोली जंगलों और पहाड़ों में घूमने चली आती है। इस इलाके में प्रकृति प्रेमियों के लिए बहुत कुछ है। उदाहरण के तौर पर यहां बेरवाला बर्ड सफारी है जहां पक्षियों की सौ से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। माइग्रेटरी बर्ड भी यहां आते रहते हैं। इसके अलावा यह इलाका जंगली जानवरों का घर भी है। ये बर्ड वॉचर्स, क्रिएटिव फोटोग्राफरों, साइक्लिस्टों और ट्रैकिंग के शौकीन यहां आते हैं। बावजूद इसके, हैरानी बाली बात यह है कि मोरनी फिर भी लोकप्रिय नहीं हो पाया। शायद इसका कारण पगल में खूबसूरत राज्य हिमाचल प्रदेश है जहां सैलानी सीधे चले जाते हैं और मोरनी पर्यटकों के इंतजार में पीछे खड़ी रह जाती है। इस वजह से ये इलाका खूबसूरत होकर भी टूरिज्म के नक्शे पर वो जगह नहीं बना पाया, जिसका ये हकदार है।
इस इलाके में देसी इलाज में काम आने वाली असंख्य जड़ी-बूटियों की भंडार है। फिर भी ये इलाका पिछड़ा हुआ नजर आता है। लेकिन, इसका दूसरा पहलू यह भी है कि लोगों की नजरों से दूर होने के कारण इसकी प्राकृतिक खूबसूरती अभी तक बरकरार है।
मोरनी कोरोना के दौरान उस समय लोगों की नजरों में आया था जब देशभर में अनलॉक डाऊन के बावजूद दूसरे पहाड़ी राज्यों ने अपने दरवाजे बंद रखे हुए तो उस दौरान मोरनी ही खुला हुआ था और सैलानियों, बाइकर्स, राइडर्स भारी संख्या में इलाके में नजर आने लगे थे।
#morni #mornihills #paragliding #tandemparagliding #panchkula #chandigarh #offbeat_destination #Haryanagovernment #haryanatourism
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)






कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें