बीच-बीच मे उठने वाली बात इक बार फिर सुर्खियों में है। विश्व प्रसिद्ध चंडीगढ़ के रॉक गार्डन के निर्माता नेक चंद को मलाल है की वो इक और रॉक गार्डन नही बना पाये। अपनी अनूठी परिकल्पना और सर्जन के धनि नेक चंद ने कबाड़ या फिर कूड़े मे फेकी जाने वाली वस्तुओं को खूबसूरत आकार देकर दुनिया मे नाम कमाया लेकिन अफसरशाही की उपेक्षा उनके गले से नीचे नही उतर रही है। वे अभी तक चंडीगढ़ प्रशासन के उपेक्षापूर्ण रवैये से आह़त महसूस कर रहे थे की अब नई दिल्ली और केरल मे रॉक गार्डन के निर्माण को लेकरवहा के प्रशासनों के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार ने इस बड़े कलाकार को चोट पहुंचा दी है। वर्ष २००० मे दिल्ली देवेल्पोमेंट अथॉरिटी ने २००० एकड़ इलाके मे तो दूसरी तरफ़ इसी तुरह की मदद केरल सरकार ने वर्ष १९९६ मे उनसे मांगी थी। उस समय उमीदे थी कि चूकि पर्यटन उद्योग लगातार फल फूल रहा है । इसमे निजी क्षेत्र के अलावा सरकारें भी दिलचस्पी ले रही हैं तो जल्द ही दुनियाभर के पर्यटकों को सिर्फ़ चंडीगढ़ ही नही बल्कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और दक्षिण भारत में भी इस अनूठे कला संसार के दर्शन हो जायेंगे। लेकिन हमेशा कि तरह यहाँ भी लाल फीताशाही आड़े आई और बुजुर्ग नेकचंद कलाकार दिल टूट गया है। पिछले दिनों लम्बी बीमारी से उठे नेकचंद के लिए इस तरह की सरकारी उपेक्षाएं कोई नई बात नही है, सवाल यह उठता है कि क्या नेकचंद ने अपनी कला के बल पर चंडीगढ़ को रॉक गार्डन जैसी नायाब धरोहर देकर विश्व के पर्यटन नक्शे पर लाकर कोई गुनाह किया है?
3 टिप्पणियां:
कितने ही नेकचन्दजी का दिल इस देश में रोज-रोज अफसरशाह रोज तोड़ते हैं.. शायद देश की और उन जैसे की यही नियती है।
बहुत बढ़िया रचना से आपने अपनी बात कही..
हिन्दी चिट्ठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है, आप हिन्दी में बढ़िया लिखें और खूब लिखें यही उम्मीद है।
एक अनुरोध है कृपया यह वर्ड वेरिफिकेशन का टंटा हटा दें, यह टिप्पणी करते समय बड़ा परेशान करता है।
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गीतों की महफिल
Yahi toh India hai mere bhai. Yahaa achcha kaam karne vaale ko sajaa milati hai. Haal hi mein AIMS ke Venugopal ke saath kyaa hua? Kiran Bedi ke saath kyaa hua? ONGC ko nai bulandiya dene vaale Saha ji ke saath kyaa hua? Aur toh aur NCERT ke J.S. Rajpoot ke saath kyaa hua? Dusari aur Laalo jaise log media ki meharbaani,apne gundo ki karastaani aur bhole Hindustaani ke bal pe 15 saal tak raaj karte hain. Yahaa kaa usool hai ki neki kar kue mein daal. Yahi toh hai Mera Bharat Mahan.
aap mehmaano ka shukriya ki aapne mere blog post par time diya.
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